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म्यांमार यात्रा पर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को भारत के आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के मजार की जियारत की। इस दौरान कोविंद के साथ फर्स्ट लेडी सविता कोविंद भी मौजूद रहीं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जफर के मजार पर चादर चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि कोविंद अभी ‘ऐक्ट ईस्ट’ और ‘पड़ोसी पहले’ की नीतियों के तहत भारत के उच्चस्तरीय द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने के लिए म्यांमार के दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर एक तस्वीर साझा की है जिसमें राष्ट्रपति जफर के मकबरे पर चादर चढ़ा रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति कोविंद ने चादर चढ़ाकर मुगल वंश के अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर को श्रद्धांजलि दी।’ राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से भी तस्वीरें शेयर की गई हैं।

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राष्ट्रपति कोविंद ने यांगून में ही श्री काली मंदिर में भगवान के दर्शन भी किए। यहां उन्होंने प्रार्थना की। इससे पहले बुधवार को म्यामांर में शहीदों के समाधि स्थल पर पुष्पचक्र रखा और जनरल आंग सान की कुर्बानी को याद किया। सान देश की काउंसलर आंग सान सू ची के पिता थे। यह समाधि स्थल यांगून में है और यह आंग सान और स्वतंत्रता से पहले की सरकार के अन्य नेताओं को सर्मिपत है। इन सभी की हत्या 1947 के जुलाई महीने में कर दी गई थी।

बता दें कि म्यांमार यात्रा पर पहुंचे कोविंद ने अपने बयान में कहा कि भारत और म्यांमार की दोस्ती अल्पकालिक लक्ष्यों से संचालित नहीं है बल्कि इसमें परस्पर शांति, प्रगति एवं समृद्धि की सतत तलाश रहती है।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की क्षेत्रीय अखंडता तथा एकता को कायम रखने का नई दिल्ली समर्थन करता है। अपने म्यांमार के समकक्ष यहां राजकीय भोज में कोविंद ने कहा कि म्यांमार के साथ भारत की साझेदारी मित्रता, पड़ोसीपन और साझा हितों के अहम तिराहे पर है। उन्होंने राष्ट्रपति विन मिंट, प्रथम महिला दाव चो चो और विदेश मंत्री आंग सान सू ची की विनम्रता और उनके आतिथ्य को भी सराहा।

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