RECEP TAYYİP ERDOĞAN,

तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह के बाद 3 महीने के लिए आपात स्थिति लागू करने की घोषणा की हैं। आपातकाल का ऐलान अंकारा में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की बैठक में, किया गया।

इस मसले पर अंकारा में राष्‍ट्रपति पैलेस में कहा, ‘इस तख्‍तापलट की कोशिश करने वाले आतंकी संगठन के सभी तत्‍वों को तत्‍काल रूप से हटाने के लिए आपातकाल घोषित करना जरूरी था।’ उल्‍लेखनीय है कि आपातकाल घोषित होने के बाद सरकार की शक्तियां काफी बढ़ जाती हैं।

अर्दोग़ान ने कहा, “इसका लक्ष्य प्रजातंत्र, क़ानून के शासन और जनता के अधिकार व आज़ादी के सामने ख़तरे को ख़त्म करने के लिए, सभी ज़रूरी क़दम प्रभावी ढंग से उठाना है।”

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उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विफल सैन्य विद्रोह के पीछे अमरीका में रह रहे फ़त्हुल्लाह गूलन का हाथ है। गूलन ने इस सैन्य विद्रोह में किसी प्रकार की संलिपत्ता से इंकार करते हुए कहा कि यह ख़ुद तुर्क सरकार की अपने विरोधियों का सफ़ाया करने की चाल हो सकती है।

तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह में, कि जिसका एलान 16 जुलाई को किया गया और यह एक दिन की कोशिश थी, लिप्त रहने वालों के ख़िलाफ़ सरकार ने कार्यवाही शुरु कर दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई से अब तक 60000 लोगों को जिसमें सरकारी, न्याय पालिका और सैन्य अधिकारी शामिल हैं, नौकरी से निकाल दिया गया है या उन्हें निलंबित कर दिया गया है।