सऊदी अरब विश्व का एक ऐसा देश जहाँ अपने शायद ही कभी लोगो को गरीबी और आर्थिकी संकट का सामने करते हुए देखा होगा लेकिन दुनिया के सबसे अमीर देश में भी लोगो को गरीबी की मार झेलनी पड़ रही हैं.

कहने को तो सऊदी अरब में अमीरो की संख्या भले ही अधिक हो लेकिन देश की 20 फीसदी जनता जबरदस्त गरीबी में जिंदगी गुजार रही है.

हाल ही में कुछ ऐसी तस्वीरे सामने आयी हैं जो सऊदी अरब की बेजुबान गरीबो की आवाज़ को बुलंद कर रही हैं. अमीरो के इस देश की यह खबरे बड़ी मुश्किल से सामने आती हैं और हुकूमत भी इस गरीबो को छुपाने की कोशिश करती हैं.

सऊदी अरब के गरीबी और विकास पर लिखने वाले विद्वान रोसी बशीर के मुताबिक, देश यहां की गरीबी छिपाता है और यहां लोग भूख से तड़प रहे हैं और यहाँ के शेखो को भूक-प्यास से तड़प रहे लोगो की तकलीफ भी नज़र नहीं आ रही हैं.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में गरीबी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बेरोजगार युवाओं की बढ़ती संख्या है.

अंग्रेजी अख़बार गॉर्डियन के मुताबिक सऊदी अरब में 2002 तक स्थानीय मीडिया के लिए गरीबी एक ऐसा मुद्दा था, जिसे दिखाने से वो बचते थे.

इस मुद्दे पर देश के किंग सुल्तान बिन सलमान ने देश में गरीबी की समस्या मानते हुए इसे तीन से पांच साल के अंदर इकोनॉमिक डेवलपमेंट के चलते गरीबी दूर करने की बात कही थी.

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