म्यांमार सरकार और बौद्ध धर्मगुरुओं के समक्ष रोहिंग्याओं के लिए आवाज न उठाने पर ईसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने अब दुनिया भर में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों से माफ़ी मांगी है.

पोप फ़्रांसिस ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान, दुनिया के सबसे अत्याचारग्रस्त अल्पसंख्यकों में से एक हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी इन अल्पसंख्यकों को दुनिया में बिना नागरिकता की सबसे बड़ी जनसंख्या बताया है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

ध्यान रहे हाल ही में म्यांमार और बांग्लादेश का दौरा कर लौटे पोप फ्रांसिस ने म्यांमार यात्रा के दौरान रोहिंग्या शब्द का इस्तेमाल करने से परहेज किया था. उन्होंने रोहिंग्या के बजाय पलायनकर्ता शब्द का इस्तेमाल किया था.

लेकिन बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में रोहिंग्याओं से मुलाक़ात के बाद वे रोहिंग्या शरणार्थियों की बदहाली की व्यथा को सुनकर रो पड़े. पोप ने कहा, ‘‘मैं रोया, मैंने अपने आंसू छिपाने की कोशिश की. मैंने अपने आप को कहा कि मैं उनसे बिना एक भी शब्द कहे जा नहीं सकता.’’

पोप ने रोहिंग्या ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने आपको सताया, आपको नुकसान पहुंचाया और दुनिया की उदासीनता को लेकर मैं आपसे उन्हें माफ करने के लिए कहता हूं.’’

Loading...