वेटिकन | भारत के पडोसी देश म्यांमार में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमो पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध शायद ही कोई देश मुखर होकर सामने आ रहा है. म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमो के लिए जीवन एक नरक बन चूका है. यहाँ के सुरक्षाबल लगातार रोहिंग्यो मुस्लिमो पर हमले कर रहे है, उनके घरो में लूटपाट की जा रही है, धार्मिक स्थलों को आग के हवाले किया जा रहा है. यहाँ तक की महिलाओं के साथ रेप की भी कई घटनाए सुनने को मिली है.

यही कारण है की म्यांमार से काफी रोहिंग्या मुस्लिम या तो भागकर बांग्लादेश में शरण ले रहे है या फिर भारत में. लेकिन हाल फ़िलहाल में दोनों ही देशो में रोहिंग्या मुस्लिमो के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. जिससे इनके हालात और भी बदतर हो गए है. इसी बीच केन्द्रीय राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने भारत में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमो को वापिस म्यांमार भेजने की भी बात कही है. हालाँकि कोई भी शरणार्थी वापिस म्यांमार लौटना नही चाहता.

इसी बीच वेटिकन से रोहिग्य मुस्लिमो के लिए थोड़ी राहत की खबर आई है. मिली जानकारी के अनुसार पॉप फ्रांसिस साल के अंत में म्यांमार का दौरा करेंगे. वो यह दौरा ,रोहिंग्या मुस्लिमो पर हो रहे अत्याचारों को दुनियो की नजरो में लाने के मकसद कर रहे है. इसके अलावा वो तीन दिन के लिए बांग्लादेश के दौरे पर भी जायेंगे. यह पहली बार होगा जब कोई पॉप म्यांमार की यात्रा पर जायेगा.

वेटिकन की और से जारी बयान में कहा गया की पॉप फ्रांसिस 27 से 30 नवम्बर तक म्यांमार के दौरे पर रहेंगे. इसके बाद 30 नवम्बर को ही वो बांग्लादेश के लिए रवाना हो जायेंगे. यहाँ से वो 2 दिसम्बर को वापिस वेटिकन लौट जायेंगे. पॉप फ्रांसिस पहले भी कई बार रोहिंग्या मुस्लिमो पर हो रहे अत्याचारों के बारे में अपना दुःख प्रकट कर चुके है. इसलिए म्यांमार की उनकी यात्रा काफी महत्तव रखती है. बताते चले की म्यांमार में बोद्ध धर्म के लोगो की संख्या बहुतयात में है.

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