व्हाइट हाउस में ट्रम्प को आए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है लेकिन उनकी बचकाना हरकतें और विरोधाभासी बातों ने पूरी दुनिया में विरोध को हवा दे दी है, इसी संदर्भ में अमेरिकी दूतावास को कुद्स स्थानांतरित किए जाने के विरुद्ध विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप पर कैंपेन जारी है।

गौरतलब है कि ट्रम्प ने चुनाव प्रचार में अमेरिकी दूतावास को कुद्स स्थानांतरित करने का वादा किया था। इस्राईल ट्रम्प से पहले के राष्ट्रपतियों के ज़माने में पहले भी कई बार इसके लिए प्रयास कर चुका है और ट्रम्प द्वारा इसके उल्लेख ने इस्राईल की रुचि और बढ़ा दी है।


क़ुद्स हमेशा ज़ायोनी सरकार और फ़िलिस्तीन दोनों सरकारों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इस्राईल उसको अपनी भविष्य की राजधानी के तौर पर देखता है जब कि फ़िलिस्तीनियों और फ़िलिस्तीन की आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे संगठनों ने 1980 में क़ुद्स को अपनी राजधानी के रूप में दुनिया के सामने पेश किया था।
फिलीस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण के अध्यक्ष “महमूद अब्बास” ने पहले भी अमेरिकी दूतावास को क़ुद्स स्थानांतरित करने के प्रति चेताया था, उन्होंने कहाः कि इससे क्षेत्र में जारी शांति प्रक्रिया की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा।
इस मुद्दे पर क्षेत्रीय सरकारों ने भी आपत्ति जताई है, जॉर्डन के राजा ने भी अपनी अमेरिका यात्रा में इस बारे में खबरदार किया है।
ट्रम्प के इस कदम के बारे में सार्वजनिक प्रचार शुरू हो चुका है, जब कि फ़िलिस्तीनी जनता ने भी इस पर अपने विरोध की घोषणा है, क्योंकि इस प्रक्रिया से अमेरिका का फिलिस्तीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बढ़ जाएगा और इस्राईल भी फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर आगे बढ़ता जाएगा, जो आपत्तियों में वृद्धि और अंततः फिलिस्तीनी जवानों और बच्चों का ही खून बहने का कारण बनेगा।

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