अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ह्वाइट हाउस में बुधवार को अपने फलस्तीनी समकक्ष महमूद अब्बास की मेजबानी की. इस दौरान उन्होंने इजराइल और फिलिस्तीनी के बीच शांति कायम कराने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश की. उन्होंने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए एक समझौता हो सकता है.

ट्रंप ने कहा कि इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति उतनी भी मुश्किल नहीं है जितना लोग समझते हैं. उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि अमेरिका और फिलिस्तीन दोनों देशों के बीच एक वास्तविक और दीर्घकालीन शांति हासिल करेंगे. उन्होंने ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापक शांति हासिल करने के लिए इजराइल और फिलिस्तीनी की मदद करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर प्रतिबद्ध हैं. इसलिए, कोई भी शांति समझौता दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का नतीजा हो सकता है.

ट्रंप ने दोनों देशों के बीच शांति समझौता के लिए खुद को एक मीडियेटर, पंच या सहायक के तौर पर भी पेश किया लेकिन कहा कि कोई भी समझौता अमेरिका या किसी अन्य देश द्वारा नहीं थोपा जा सकता. ट्रंप ने समझौते के लिए भरोसा जताते हुए कहा कि हम इसे कर लेंगे.

वहीँ  फिलस्तीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वे 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर दो राष्ट्र सिद्धांत से शांति चाहते हैं. इस पर उन्होंने अमेरिका से समर्थन मिलने की उम्मीद जताई.

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