काबुल | पाकिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह पश्तून , पिछले सात सालो से , पाकिस्तानी फ़ौज और तालिबान के अत्याचारों को झेल रहा है. अफगानिस्तान की सीमा से लगे हुए स्वात और वजीरिस्तान इलाको में रहने वाले पश्तून समय समय पर पाकिस्तानी फ़ौज के खिलाफ आवाज उठाते रहते है लेकिन पाकिस्तानी सरकार इनकी आवाज को अनसुना कर देती है.

इन इलाको में हालात अब इतने बदतर हो चुके है की काफी पश्तून पाकिस्तान छोड़कर , अफगानिस्तान कर रुख कर रहे है. पश्तूनो की आवाज उठाने वाले एक एक्टिविस्ट ने दावा किया है की पाकिस्तान , आतंकियों को फंड मुहैया कराने के लिए पश्तून महिलाओ का इस्तेमाल कर रहा है. पश्तून एक्टिविस्ट उमर दाउद खटक ने नवाज शरीफ सरकार पर आरोप लगाया की वो पश्तून महिलाओं को सेक्स स्लेव के तौर पर इस्तेमाल कर रहे है.

फ़िलहाल अफगानिस्तान में रह रहे खटक ने दावा किया की स्वात और वजीरिस्तान के इलाको में पाकिस्तानी फ़ौज खूब अत्याचार कर रही है. यहाँ के घरो को तबाह किया जा रहा है. पाकिस्तानी फ़ौज इन घरो से लडकियों को अगवा करती है और लाहौर में इनको सेक्स स्लेव के तौर पर इस्तेमाल करते है.

खटक के अनुसार यह सब आतंकियों के लिए फंडिंग जुटाने के लिए किया जा रहा है. उम्र खटक ने धमकी भरे लहजे में कहा की हमें बहुत भ्रमिक किया जा चूका है अब हम और पागल नही बनेगे. हम पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के लिए पश्तुनिस्तान लिबरेशन आर्मी का गठन कर रहे है. यह आर्मी आतंक का खात्मा करेगी.

खटक ने अन्तराष्ट्रीय समुदाय से पश्तूनो का साथ देने की अपील की. उमर खटक ने कहा की पाकिस्तानी फ़ौज के जुल्मो सितम से तंग आकर अभी तक करीब 5 लाख पश्तून अफगानिस्तान आ चुके है. इसलिए अन्तराष्ट्रीय समुदाय को हमारी मदद करनी चाहिए. मालूम हो की पाकिस्तानी फ़ौज पर बलूचिस्तान में रहने वाले लोग भी इसी तरह के आरोप लगाते है.


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