पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने शनिवार को नेशनल असेंबली (संसद) में विश्वासमत जीत लिया। विश्वास मत प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में इमरान खान सरकार के पक्ष में 178 वोट पड़े।

विश्वास मत हासिल करने के बाद नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि जब भी आप मुश्किल समय का सामना करते हैं, तो अधिक मजबूत हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका दिमाग है।  इसके साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों को धन्यवाद किया। उन्होंने पार्टी के लोगों को वहां पहुंचकर वोट देने के लिए उनका आभार प्रकट किया।

इमरान खान पाकिस्तान के इतिहास में दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो नेशनल एसेंबली में अपनी इच्छा से विश्वास मत का सामना किया। इससे पहले नवाज शरीफ ने सन् 1993 में स्वेच्छा से विश्वास मत का सामना किया था। संविधान के आठवें संशोधन के तहत, 1985 से 2008 तक, पाकिस्तान के सभी प्रधानमंत्रियों ने नेशनल असेंबली में विश्वास मत का सामना किया है।

इमरान खान 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे। सत्ता संभालने के बाद से ही उन्हें विपक्ष से लगातार चुनौतियां मिल रही हैं। चुनाव में धांधली से लेकर देश की अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष इमरान खान के नेतृत्व पर सवाल उठाता आया है।

इमरान खान को नेशनल एसेंबली में 171 सांसदों का समर्थन चाहिए था।  सदन में कुल 342 सदस्यों में अभी 340 सदस्य हैं और दो सीटें खाली हैं। खान की पीटीआई के पास 157 सांसद हैं जबकि विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के 83 सदस्य हैं और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के 55 सांसद हैं।