Tuesday, June 22, 2021

 

 

 

सूफिज़्म में है रुचि तो देखे तुर्की सीरियल ‘यूनुस एमरे: द जर्नी ऑफ लव’: पाक पीएम इमरान खान

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‘अर्तुरुल गाजी’ की कामयाबी के बाद पाकिस्तान सरकार ने तुर्की के एक और सीरियल यूनुस एमरे: द जर्नी ऑफ लव को उर्दू में डब कर राह ए इश्क नाम से प्रसारित करना शुरू किया है। ‘अर्तुरुल गाजी’ की तरह केवल पाकिस्तान के लोगों ने बल्कि दक्षिण एशिया के अन्य देशो के लोगों ने भी इसे हाथोहाथ लिया।

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने कहा है कि ब्लॉकबस्टर प्रस्तुतियों को लोगों को शिक्षित करने और विशेषकर युवाओं को अच्छे रोल मॉडल प्रदान करने के लिए प्रसारित किया जा रहा है। प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और मोबाइल फोन से बर्बाद हो रहे समाज को लेकर उन्होंने कहा: “आप चीजों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते, लेकिन आप जनता को वैकल्पिक मनोरंजन प्रदान कर सकते हैं।”

इस हफ्ते की शुरुआत में ही खान ने सार्वजनिक रूप से सिफारिश की थी कि लोग सूफिज्म में अपनी रुचि के लिए यूनुस एमरे: अस्किन योलकुलगु देखें। उन्होने कहा, “मैं दृढ़ता से यूनुस एम्रे को उन सभी लोगों के लिए पीटीवी पर दिखाए जाने की सलाह देता हूं, जो सूफीवाद (मारायफात) में रुचि रखते हैं।”

यूनुस एमरे, जिसे दरवेश के नाम से भी जाना जाता है, एक लोक कवि और सूफी फकीर थे जिनकी सही जन्मतिथि के बारे में जानकारी नहीं है, 13 वीं शताब्दी के मध्य से लेकर 14 वीं शताब्दी की पहली तिमाही तक विभिन्न स्रोतों के अनुसार वह अनातोलिया में रहते थे।

वह सूफीवाद में एक बहुत प्रभावशाली व्यक्ति थे और उन्हें आध्यात्मिक चिकित्सक माना जाता था। यूनुस एमरे को उसी युग का माना जाता है। जिसमे मौलाना जलालदीन रूमी, हाजी बेक्ताश वेलि, अहि इवरान, अहमद फकीह, गेइकली बाबा और सेडी बालम जैसे महान लोग थे और उनके गुरु थे तपुक इमर।

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