सऊदी अरब के नेतृत्व में बने मुस्लिम देशों के सैन्य गठबंधन की कमाना सँभालने के बाद पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया कि वह यमन युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा. साथ ही ये भी साफ़ कर दिया कि ईरान ने जो चिंताएं पेश की हैं पाकिस्तान उन्हें दृष्टिगत रखेगा और उन चिंताओं को दूर कर देगा.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि उनका देश कभी भी यमन युद्ध में शामिल नहीं होगा और वह सऊदी गठजोड़ के संबंध में इस्लामी गणतंत्र ईरान की चिंताओं से अवगत है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन और इसकी कमान पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ़ को सौंपे जाने के बारे में ईरान ने जो चिंताएं पेश की हैं पाकिस्तान उन्हें दृष्टिगत रखेगा और उन चिंताओं को दूर कर देगा.

सऊदी गठजोड़ के कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे मेंउन्होंने आगे कहा, अभी इसके लक्ष्यों और एजेंडे को संकलित नहीं किया गया है. ख़ाजा आसिफ़ ने बताया कि सऊदी अरब के नेतृत्व में गठित होने वाले 41 देशों के सैन्य गठबंधन के रक्षा मंत्रियों की बैठक मई में आयोजित होगी.

गौरतलब रहें कि ईरान के राजदूत महदी हुनरदूस्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सऊदी गठजोड़ की कमान पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ़ को सौंपे जाने के संबंध में पाकिस्तान सरकार के फ़ैसले पर ईरान की कुछ चिंताएं हैं

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