Sunday, October 24, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद केस के फैसले पर बोला पाक – ‘मस्जिद गिराने वालों को बरी करना शर्मनाक’

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अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराने के मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत के जज एस.के. यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। यह एक आकस्मिक घटना थी।

मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत कुल 32 लोगों अभियुक्त बनाए गए थे। अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले।

पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इस फैसले की निंदा की है। पाकिस्तान ने कहा है कि अयोध्या में ऐतिहासिक मस्जिद गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों को बरी करना शर्मनाक है।

बीबीसी के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर लिखा है,”अगर दुनिया के तथाकथित सबसे बड़े लोकतंत्र में इंसाफ़ का थोड़ा भी अहसास होता तो वो लोग जिन्होंने खुलकर एक आपराधिक कृत्य की डींग हांकी थी, वो बरी नहीं हुए होते।” बयान में इस फ़ैसले को बीजेपी-आरएसस के शासन में एक कमज़ोर न्यायपालिका का एक और उदाहरण बताया है जहाँ अतिवादी हिंदुत्व विचारधारा न्याय और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के सभी सिद्धांतों पर भारी पड़ती है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने लिखा है कि ‘भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल बाबरी मस्जिद परिसर को उन्हीं लोगों को राम मंदिर बनाने के लिए देने का फ़ैसला देकर एक ग़लत राह दिखा दिया था जिन्होंने ऐतिहासिक मस्जिद को गिरा दिया था. और आज का फ़ैसला उस फ़ैसले के भी ख़िलाफ़ है जिसमें ये बात दर्ज की गई थी कि विध्वंस न्याय के शासन का प्रबल उल्लंघन था।’

उसने लिखा है कि अयोध्या के फ़ैसले से उत्साहित होकर, हिंदू कट्टरपंथी अब सरकार में बैठे आरएसएस समर्थकों की शह पर मथुरा में कृष्ण मंदिर के बगल में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद को भी हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उसने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वो अल्पसंख्यकों और ख़ासकर मुसलमानों और उनके धर्मस्थलों व इस्लामी स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

उसने साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी अपेक्षा की है कि वो भारत में इस्लामी धरोहरों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाएँगे।

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