इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ईशनिंदा के आरोपों से एक ईसाई महिला को बरी किया। जिसके बाद देशभर में हंगामा शुरू हो गया। पाकिस्तान के कई शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए। सरकार, कोर्ट और सेना के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।  फैसले के दूसरे दिन भी पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

टीएलपी के नेता मौलाना मुहम्मद अफजल कादरी ने खुलेआम कहा कि आसिया को बेगुनाह बताने वाले सुप्रीम कोर्ट के तीनों जजों का क’त्ल कर देना चाहिए। यह काम जजों के सुरक्षाकर्मी या उनके ड्राइवर या फिर रसोइए को करना चाहिए।मौलाना कादरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को यहूदी का बच्चा करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार को तुरंत हटा देना चाहिए।

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कादरी ने सेनाध्यक्ष बाजवा को खरी-खोटी सुनाते हुए मुसलमान सैन्य अफसरों से अपील की कि उन्हें बाजवा के खिलाफ बगावत कर देनी चाहिए। बता दें कि 2010 में चार बच्चों की मां आसिया का अपने मुस्लिम पड़ोसियों के साथ विवाद के दौरान कथित तौर पर इस्लाम धर्म के पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हे बरी कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार की अगुवाई वाली शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार सुबह अपने फैसले में कहा, ‘‘उनकी दोषसिद्धि को निरस्त किया जाता है और अगर अन्य आरोपों के तहत जरूरी नहीं हो , तो उन्हें फौरन रिहा किया जाये।’’

देश मे हो रहे विरोध-प्रदर्शनो को लेकर पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि इस्लाम के नाम अराजकता ना फैलाएं, इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। खान ने कहा, ”मैं इन तत्वों (प्रदर्शनकारियों) से कहता हूं कि देश को चुनौती देने से बचें। अगर वे ऐसा करते हैं तो देश अपनी जिम्मेदारियां पूरी करेगा।”

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