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कर्ज संकट से घिरा पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मिलने वाले बेलआउट पैकेज से बचने के के लिए अब विदेशी गाड़ियों, स्मार्टफोन और चीज़ का इम्पोर्ट पर बैन लगा सकता है.

पाकिस्तानी अखबार द न्यूज के अनुसार, पिछले हफ्ते वित्त मंत्री असद उमर की अध्यक्षता में हुई ईएसी की बैठक में यह सुझाव सामने आए हैं। पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और ईएसी के सदस्य अशफाक हसन खान ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया, ‘मीटिंग में कई अनूठे उपायों पर चर्चा हुई जिनसे आयात पर अंकुश लगाने पर मदद मिल सकती है। किसी भी सदस्य ने आईएमएफ के पास जाने का समर्थन नहीं किया। हमें कुछ न कुछ करना होगा, यह नहीं चलेगा कि हम कुछ नहीं कर सकते।’

हसन ने बताया कि मीटिंग में पनीर, कार, सेलफोन और कुछ फलों के आयात पर एक साल तक के बैन लगाने पर बात हुई। माना जा रहा है कि इससे करीब 4 से 5 अरब डॉलर बच सकते हैं। इसी बीच निर्यात को 2 अरब डॉलर और बढ़ाने का विचार है।

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उन्होने कहा, “आप देख रहे हैं कि इस देश में विदेश से कितनी चीज आ रही है। बाजार इम्पोर्टेड चीज से भरा है। इस देश में डॉलर नहीं है, क्या यह इसके लायक है जो  यह चीज़ आयात कर रहा है? पिछले साल, पिछली सरकार ने चीज़ और लक्जरी कारों सहित 240 इम्पोर्टेड वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाया, और दर्जनों नए आयात पर ड्यूटी लगाई लेकिन कोई भी प्रत्यक्ष आयात प्रतिबंध जारी नहीं किया गया था।

बता दें कि इमरान खान ने सत्‍ता संभालने के बाद सरकारी खर्च में कटौती को लेकर कई फैसले किए हैं। एक बार फिर पाकिस्‍तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान कर्ज के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की बजाय अपने खर्चों में कटौती पर जोर दे रहे हैं।

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