इस्लामाबाद | पाकिस्तान में महिलाओ पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कई नए कानून बनाये गए है लेकिन इनको लागू करने में सरकार विफल रही है. पिछले साल ही पाकिस्तानी संसद ने एक बिल पास कर हिंसा की परिभाषा में वो सभी जुर्म शामिल किये जो महिलाओ के खिलाफ किये जाते है लेकिन कुछ इस्लामिक संस्थाओ ने इस बिल का विरोध किया था. पाकिस्तान में महिलाओ के साथ भेदभाव की घटनाएं लगातार बढ़ रही है. यहाँ तक की पाकिस्तान की संसद भी इससे अछूती नही है.

पाकिस्तानी संसद में एक मंत्री ने महिला सांसद के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की जिसके बाद संसद परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक इस बयान की जमकर आलोचना की गयी. मामला बढ़ता देख मंत्री ने महिला सांसद से माफ़ी मांग ली. दरअसल पाकिस्तान के सिंध प्रान्त से सांसद नुसरत सहर अब्बासी शुक्रवार को संसद में महिलाओ के एक मामले में बहस में हिस्सा ले रही थी.

बहस के दौरान सवाल का जवाब देते हुए मंत्री इमाद पिताफी ने नुसरत से कहा की वो उनसे प्राइवेट चैम्बर में आकर मुलाकात करे. मंत्री के इस बयान पर नुसरत नाराग हो गयी और उप सभापति से मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की. नुसरत ने कहा की यह घटना दर्शाती है की पाकिस्तान में महिलाओ की क्या स्थिति है और किस तरह यहाँ कानूनों का पालन किया जा रहा है.

नुसरत ने मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करने को लेकर संसद परिसर में धरना भी दिया. इस दौरान उन्होंने कहा की उप सभापति खुद महिला है लेकिन उन्होंने अभी तक मामले में कोई कार्यवाही नही की है. कुछ देर बार नुसरत के हाथ में एक पेट्रोल की बोतल दिखाई दी. नुसरत ने धमकी देते हुए कहा की अगर मंत्री के खिलाफ कोई एक्शन नही लिया गया तो मैं आत्मदाह कर लुंगी.

मामला को तुल पकड़ता देख और सीनियर नेताओ के सलाह पर मंत्री इमाद ने नुसरत से संसद में माफ़ी मांगी और उनको शाल उढ़ाकर उनका सम्मान किया. बाद में नुसरत ने कहा की यह मामला अब खत्म हो चूका है लेकिन यह सब दिखाता है की पाकिस्तान में महिलाओ की सुरक्षा को लेकर बने कानून अभी तक लागु नही हुए है.


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