अमेरिका की और से पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के बंद होने के बाद अब पाकिस्तान ने भी अपने तेवर दिखा दिए है. पाकिस्तान ने अमेरिका को पिछले 14 वर्षों में आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में हुए नुकसान की लिस्ट थमा दी है.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने 14 वर्षों में आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में मारे गये 74 हज़ार नागरिकों और 1 खरब 23 अरब डालर के आर्थिक नुक़सान पर आधारित एक फ़ैक्ट शीट जारी की है. इसी के साथ पाकिस्तान ने ऐलान किया हैं कि अमेरिका न तो अब दोस्त है और नहीं कोई साझेदार.

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पाकिस्तान के विदेशमंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इस्लामाबाद अब अमेरिका को अपना घटक नहीं मानता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी व्यवहार एक घटक का व्यवहार नहीं है अतः अब अमेरिका न तो हमारा घटक है न दोस्त और हमें इस बात का अधिकार है कि हम स्वतंत्र रूप से अमेरिका के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करें.

ध्यान रहे अमेरिका ने पाकिस्तान से तालिबान और हक्कानी नेटवर्क सहित सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ लड़ने के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा है. पेंटागन के प्रेस सचिव आर्मी कर्नल रॉब मैनिंग ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारी उम्मीदें स्पष्ट हैं, तालिबान एवं हक्कानी नेतृत्व और हमलों के अन्य साजिशकर्ताओं को पाकिस्तान में सुरक्षित पनाहगाह या वहां से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किसी प्रकार की मदद नहीं मिलनी चाहिए.’’

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तान को ‘‘विशिष्ट एवं स्पष्ट’’ कदम बताए हैं, जिससे उसकी जमीन से आतंक का सफाया किया जा सकता है. मैनिंग ने कहा, ‘‘हम बिना किसी भेदभाव के पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली 90 करोड़ डॉलर की सहायता राशि रोकी गई है उसे रद्द नहीं किया गया है.