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पाकिस्तानी लड़की से ऑनलाइन हुई दोस्ती के बाद अवैध तरीके से मिलने पहुंचे मुंबई निवासी हामिद निहाल अंसारी की सजा पूरी हो रही है। ऐसे में अब वह पाक कोर्ट के आदेश के बाद जल्द ही स्वदेश लौट आएंगे। इसके अलावा पाकिस्तान की जेलों में सजा पूरी कर चुके सभी भारतीयों को भी जल्द रिहा किया जाएगा।

पाकिस्तान की जेलों में कुल 48 ऐसे कैदी हैं, जिनकी सजा की मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें कई ऐसे हैं, जिनपर कोई संज्ञेय आरोप नहीं लगा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऐसे लोगों की सूची पाकिस्तान सरकार ने ही मुहैया कराई है। लेकिन तकनीकी अड़चन बताकर उन लोगों को छोड़े जाने के मामले लटकाए जा रहे हैं।

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हामिद निहाल अंसारी का मामला ऐसा ही है। अंसारी पेशावर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें सैन्य अदालत ने फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने के आरोप में 15 दिसंबर 2015 को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। अफगानिस्तान से पाकिस्तान में अवैध रूप से घुसने पर 2012 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। वह कथित रूप से एक लड़की से मिलने के लिए पाकिस्तान गए थे, जिससे उसकी ऑनलाइन दोस्ती हुई थी।

पेशावर हाई कोर्ट के दो जजों- जस्टिस रूहुल अमीन और जस्टिस कलंदर अली खान की पीठ ने गुरुवार को अंसारी की अपील पर फैसला दिया। याचिका में कहा गया था कि संघीय सरकार ने अंसारी की रिहाई को लेकर अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अंसारी के वकील काजी मोहम्मद अनवर ने कहा कि उनके क्लाइंट की सजा 15 दिसंबर को पूरी हो जाएगी और ऐसे में उन्हें 16 दिसंबर को सुबह रिहा कर दिया जाना चाहिए।

सरकारी विभागों के चुप्पी बरतने पर जस्टिस खान ने हैरानी जताई। अतिरिक्त अटर्नी जनरल ने कोर्ट को सूचित किया कि अभी कैदी की रिहाई के दस्तावेज तैयार नहीं हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि कानूनी दस्तावेज तैयार होने तक कैदी को एक महीने तक रखा जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि एक महीने के भीतर कैदी को भारत भेजने की सारी तैयारी पूरी की जाए। अंसारी को वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया जाएगा।

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