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नई दिल्ली । पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पाकिस्तान में संचालित होने वाले मदरसों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मदरसों को आधुनिक शिक्षा के लिए नाकाफ़ी बताते हुए कहा की इनमे पढ़ने वाले छात्र या तो मौलवी बनेंगे या फिर आतंकवादी। इसके अलावा उन्होंने देश में शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में एक बड़ी संख्या के पास मदरसों में पढ़ने के अलावा कोई विकल्प नही है।

बलूचिस्तान के क्वेटो में एक युवा सम्मेलन में शिरकत करने पहुँचे जनरल बाजवा ने उपरोक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मैं मदरसों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मदरसों की मूल भावना कहीं खो गई है। पाक में मदरसों की शिक्षा अपर्याप्त है, क्योंकि यह छात्रों को आधुनिक दुनिया के लिए तैयार नहीं करती है। मदरसों मे करीब 25 लाख बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन वे क्या बनेंगे? क्या वे मौलवी बनेंगे या आतंकवादी बनेंगे?

जनरल बाजवा ने मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को नियुक्त करने के लिए हमारे पास पर्याप्त मात्रा में मस्जिद भी नही है, और न ही इतनी मस्जिदों का निर्माण करना सम्भव है। इन मदरसों पर यह आरोप लगते रहे है की ये कट्टरपंथ की शिक्षा दे रहे है , लेकिन इन छात्रों के पास मदरसों में पढ़ने के अलावा कोई विकल्प भी नही है।

जनरल बाजवा ने मदरसों में दी जा रही शिक्षा को बदलने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा नही मिलने के कारण 20 करोड़ की आबादी वाला पाकिस्तान आगे नही बढ़ पा रहा है। हमें इस बात ज़ोर देना होगा की मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा, आधुनिक हो। फ़िलहाल अधिकांश मदरसे धार्मिक शिक्षा देते है लेकिन इससे पाकिस्तान का भला नही होगा। मालूम हो कि पाकिस्तान में फ़िलहाल 20 हज़ार से भी ज़्यादा मदरसे रेजिस्टर्ड है जबकि कई हज़ार मदरसे बिना रेजिस्ट्रेशन के छोटे कमरों में भी चलाए जा रहे है।

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