irann

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल खरीदारों को मई से प्रतिबंधों से कोई छूट नहीं देने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। बता दें कि भारत-चीन के साथ-साथ जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्की ईरान से तेल खरीद रहे थे।

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, ‘ईरान की विध्वंसक गतिविधियों के कारण अमेरिका, हमारे साझीदारों, सहयोगी देशों और मध्य-पूर्व की सुरक्षा के लिए पैदा हुए खतरे को खत्म करने के लिए ट्रंप सरकार तथा हमारे सहयोगी देश ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियों को और बरकरार रखने तथा उसे और सख्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

उल्लेखनीय है कि ईरान तथा विश्व की छह शक्तियों के बीच हुए समझौते को ट्रंप द्वारा रद्द करने के बाद बीते साल नवंबर में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर प्रतिबंध दोबारा लगा दिया था। वाशिंगटन ने हालांकि इस प्रतिबंध से ईरानी तेल के आठ प्रमुख खरीदारों-भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताईवान, तुर्की, इटली तथा ग्रीस को छह महीने तक की अवधि के लिए छूट दी थी। इस छूट के खत्म होने से एशियाई खरीदारों पर बड़ी मार पड़ेगी।

iran

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध की वजह से तेल की आपूर्ति में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी क्योंकि अमेरिका और सऊदी अरब सहित दूसरे देशों ने तेल का उत्पादन बढ़ा दिया है। नवंबर से इटली, ग्रीस और ताइवान ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था। वहीं अन्य पांच देश ये कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाफ अभी किसी तरह का प्रतिबंध न लगाया जाए।

इस खबर के सामने आने के बाद नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 158 से अधिक अंक की गिरावट के साथ 11,594 अंक पर बंद हुआ। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 495.10 अंक यानी 1.26 प्रतिशत लुढ़ककर 38,645.18 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 158.35 अंक यानी 1.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,594.45 अंक पर आ गया।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें