इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) ने शनिवार को कुर्द क्षेत्रीय सरकार (केआरजी) से आग्रह किया कि “योजनाबद्ध जनमत संग्रह को रद्द कर दे क्योंकि यह इराक के संविधान के खिलाफ है।”

संगठन ने बयान में, केआरजी की और से योजनाबद्ध स्वतंत्रता जनमत संग्रह पर ”गहरी चिंता” व्यक्त की और उन्हें “आधिकारिक जनमत संग्रह को रद्द करने के लिए कहा. साथ ही इसे इराक के संविधान के खिलाफ बताया। संगठन ने कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।”

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बयान में शुक्रवार को न्यू यॉर्क में वार्षिक समन्वय बैठक के बाद ओआईसी के विदेश मंत्रियों द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस सम्मेलन का भी आह्वान किया गया।

ध्यान रहे संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ  इराक, तुर्की, यू.एस., ईरान ने इस कदम की आलोचना की और कहा कि यह केवल दाएश के खिलाफ चल रही लड़ाई को विचलित करेगा और आगे इस क्षेत्र को अस्थिर करेगा। इराक की केंद्र सरकार ने इस मामले को बढ़ता देख अब सैन्य रूप से हस्तक्षेप करने की धमकी दी है।

केआरजी के नेता, मसूद बारजानी ने कहा है कि वोट से आजादी की घोषणा नहीं होगी, लेकिन बगदाद के साथ बातचीत के लिए एक कदम होगा.

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