मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर अत्याचार को लेकर इस्लामिक देशों के संगठन OIC की बैठक में ईरान ने स्पष्ट रूप से म्यांमार सहित दुनिया भर को चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामी जगत का यह एकल दृष्टिकोण है कि कहीं पर भी मुसलमानों की हत्या को सहन नहीं किया जाएगा.

ईरान के विदेश उपमंत्री अब्बास इराक़ची ने कहा कि म्यांमार की सरकार को स्थिति को नियंत्रित रखना चाहिए और वहां पर  मुसलमानों के हो रहे जनसंहार को तत्काल रोकना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि म्यांमार में मुसलमानों और बौद्धों  के बीच झगड़े का आधार धार्मिक नहीं है. इराक़ची ने कहा कि म्यांमार की सरकार को स्थिति पर नियंत्रण करने के बाद रोहिंग्या मुसलमानों की नागरिकता के मामले को हल करना चाहिए.उन्होंने कहा कि कुआलालम्पुर में आयोजित होने वाली ओआईसी की आपातकालीन बैठक का उद्देश्य, म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के साथ इस्लामी जगत की एकजुटता दर्शाना है.

इस मुद्दें पर ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के बच्चों के समुद्र में डूबने के दर्दनाक मंज़र पर अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ख़ामोश बैठा रहा. उन्होंने इस्लामी सहयोग संगठन के सदस्य देशों से मांग की कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए म्यांमार सरकार पर दबाव डालें ताकि वह रोहिंग्या मुसलमानों को उनका अधिकार दे. इसी के साथ उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों को तुरंत मानवीय सहायता भेजने की मांग की.


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