Thursday, October 28, 2021

 

 

 

OIC, तुर्की और पाकिस्तान ने नॉर्वे-स्वीडन में कुरान की बेअदबी पर जताया विरोध

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ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने रविवार को दक्षिणी स्वीडन के शहर माल्मो में पवित्र पुस्तक कुरान की प्रति जलाने की निंदा की। अपने बयान ओआईसी ने इस घटना को “उकसाने और उकसावे की कार्रवाई” के रूप में वर्णित किया और “उग्रवाद और धर्म और विश्वास के आधार पर घृणा को उकसाने के वैश्विक प्रयासों के साथ विरोधाभास” करार दिया।

वहीं तुर्की ने रविवार को नॉर्वे में मुस्लिम पवित्र पुस्तक कुरान के प्रति अनादर की कड़ी निंदा की। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्हें ऐसी कार्रवाइयों को रोकने की उम्मीद है। यह देखते हुए कि तुर्की फासीवादी और नस्लवादी आंदोलनों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा, मंत्रालय ने यूरोपीय राजनेताओं और अधिकारियों से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और इस संबंध में प्रयास करने का आह्वान किया।

वहीं पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रविवार को स्वीडन और नॉर्वे में हाल की घटनाओं की कड़ी निंदा की जिसमें पवित्र कुरान की प्रतियों को कथित रूप से जलाया गया था, यह कहते हुए कि “बोलने की स्वतंत्रता धार्मिक घृणा को सही नहीं ठहरा सकती है”।

ट्विटर पर जारी एक बयान में एफओ के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने आगे कहा: “इस तरह के इस्लामोफोबिक घटनाओं का उदय किसी भी धर्म की भावना के खिलाफ जाता है।” चौधरी ने कहा, “दूसरों की धार्मिक मान्यताओं के लिए सम्मान सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है और वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए बिल्कुल महत्वपूर्ण है।”

बता दें कि नॉर्वे में एक ‘एंटी इस्लामिक’ रैली (anti-Islam rally) के दौरान स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे (Stop Islamization of Norway) नामक संगठन के एक कार्यकर्ता ने बैग से मुस्लिमों की पवित्र किताब कुरान (Quran) निकालकर उसे फाड़ दिया।

इससे पहले स्वीडन में इस्लामिक विरोधी समूह टाइट डायरेक्शन (स्ट्राम कुर्स) के नेता रासमस पलुदन ने अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार की शाम को कुरान जला दिया। इंटरनेट पर फुटेज सामने आने के बाद, माल्मो में विरोधी नस्लवादी समूहों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और सड़क पर टायर जलाकर यातायात बाधित करने वाले कार्यकर्ताओं को रोका।

Daily Aftonbladet की रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को एक पब्लिक स्क्वेयर पर इस्लाम-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान तीन लोगों को पहले कुरान की एक प्रति को पैर मारते देखा गया था।

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