इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) ने हाल ही में सदस्य देशों से  इस्लामी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने के उचित कदम उठाने को कहा है.

इस्तांबुल में आयोजित “सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए इस्लामी लड़ाई” पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओआईसी के महासचिव डॉ यूसेफ बिन अहमद अल-ओथैमीन ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और तंत्र के माध्यम से लुप्तप्राय विरासत को बचाने और पुनर्स्थापित करने पर जोर दिया.

उन्होंने 21-23 नवंबर को खारतुम, सूडान में इस्लामिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (आईएसईएससीओ) द्वारा आयोजित होने वाले कल्चरल मिनिस्टर की बैठक में सहभागियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सांस्कृतिक नीतियों और योजनाओं को विकसित करने के लिए योजनाए बनाने को कहा.

उन्होंने बताया कि ओआईसी ने हमेशा से इस्लामी सांस्कृतिक विरासत और पवित्र स्थानों में सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता करार दिया. अल-ओथैइमेंन ने बताया कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन इस्लाम की छवि के विरूपण का सामना करने में योगदान करेगा.

ओआईसी प्रमुख ने कहा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने के उद्देश्य से हमें तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.

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