बांग्लादेश करीब एक लाख रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को अस्थाई तौर पर बंगाल की खाड़ी में स्थित एक निर्जन टापू पर बसाने जा रहा है. हालांकि इस टापू पर बाढ़ का खतरा बना रहता है.

हाल ही में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था कि कॉक्स बाजार के शरणार्थी शिविरों से भीड़ कम करने की खातिर रोहिंग्या के लिए एक द्वीप पर अस्थायी व्यवस्था की जाएगी. द्वीप पर शरणार्थियों को बसाने के लिए ब्रिटिश और चीनी इंजीनियर मदद कर रहे हैं.

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बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, शरणार्थियों के लिए मानसून से पहले शिविर तैयार कर लिए जाएंगे. इस क्षेत्र में अप्रैल से बारिश शुरू हो जाती है और बाढ़ का खतरा रहता है. द्वीप पर एक पुलिस का एक थाना भी बनाया जाएगा, जिसमें 40 से 50 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे.

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बताया कि म्यांमार वापस जाने वाले या फिर कहीं और शरण लेने वाले शरणार्थियों को वहां रहने की इजाजत होगी. उन्होंने यह भी बताया कि इन शरणार्थियों को बांग्लादेश का पासपोर्ट और आइडी कार्ड नहीं मिलेगा.

ध्यान रहे फिलहाल रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों  ने म्यांमार की सीमा के पास कॉक्स बाजार जिले के शिवरों में शरणा ली हुई हैं. पिछले साल हिंसा के बाद 8 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों ने यहाँ पर शरण ली है और पहले से ही 3 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिम यहाँ मौजूद है.

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