तुर्की राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने स्पष्ट किया कि तुर्की ऑपरेशन ऑलिव ब्रान्च के तहत पीकेडी/वाईपीजी को सभी सीमावर्ती इलाकों से साफ़ कर देगा. जो पीकेके आतंकवादी संगठन की सीरियन शाखा है.

इस दौरान उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तुर्की को धोखा दिया था.

उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रपति ओबामा के शासन के दौरान ‘ओलिव ग्रोव’ आंदोलन शुरू किया. हमारा उद्देश्य मैनबिज क्षेत्र को साफ करना था हालांकि, ओबामा प्रशासन इस पर कुछ नहीं बोला. हमने जो किया सब कुछ हम पर निर्भर था, लेकिन यू.एस. ने कुछ नहीं किया. उन्होंने वादा किया था कि वे मैनबिज में आतंकवादियों को फरात नदी के पूर्व में ले आएंगे.”

“लेकिन उन्होंने एक नया आतंकवादी राज्य स्थापित करने का इरादा रखते हुए अपना वादा पूरा नहीं किया. वे इसे ‘कुर्दिश राज्य’ कहते हैं, जबकि वास्तव में यह अरब है जो मानबिज़ की आबादी का 95% हिस्सा हैं. कोबानी में, दूसरी तरफ, अधिकांश आबादी भी अरब थी, लेकिन वे [पीवाईडी / वाईपीजी] ने अरबों को शहर से बाहर कर दिया और उसमें आतंकियों को रखा.”

तुर्की नेता ने कहा कि ओलिव ब्रांच ऑपरेशन में तुर्की सेना द्वारा पीवाईडी/वाईपीजी के सीरिया के अफ्रिन क्षेत्र को साफ़ करने के लिए फ्री सीरियाई सेना के सदस्यों सहित 7-8 सैनिक मारे गए हैं. साथ ही आतंकवादियों की संख्या 268 में पहुचं गई है.

उन्होंने कहा ऑपरेशन समाप्त नहीं होगा जब तक कि अफरीन में आतंकवादियों को पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता. हम उस देश के आतंकवादियों को खत्म कर देंगे.

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