अमेरिका में NRC ड्राफ्ट का विरोध, तत्काल रद्द करने की उठी मांग

12:13 pm Published by:-Hindi News
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असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल न होने पर घमासान मचा हुआ है। इस ड्राफ्ट का विरोध अब अमेरिका तक जा पहुंचा है। भारतवंशी अमेरिकी मुस्लिमों के एक समूह ने असम में NRC को तत्काल खारिज करने की मांग की है।

समूह का कहना है कि जब तक लिस्ट में बरती गई अनियमितताओं को दूर नहीं किया जाता है तब तक के लिए उसे खारिज कर दिया जाए। समूह के अनुसार, अनियमितताओं के कारण ही पंजी में चालीस लाख लोगों को शामिल नहीं किया जा सका।

इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) ने कहा, “असम में वोटिंग से वंचित रहने वालों में सबसे ज्यादा वहां निवास करने वाला बांग्ला भाषी मुस्लिम समुदाय प्रभावित हुआ है जिसपर घुसपैठिया होने का आरोप लगाया जाता है जबकि समुदाय के लोग भारतीय नागरिक हैं।”

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संगठन ने कहा कि नागरिकता खोने के खतरे का सामना करने वालों में भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के रिश्तेदार भी शामिल हैं। आईएएमसी के प्रेसिडेंट अहसान खान ने कहा, “दरअसल, यह लोकतंत्र को नष्ट करने की कवायद है और साफतौर से यह पक्षपात और भेदभावपूर्ण एजेंडा है। इस वजह से भारत के पूर्व राष्ट्रपति के रिश्तेदारों को भी ड्राफ्ट से अलग रखा गया है।”

बता दें कि देश में असम इकलौता राज्य है जहां सिटिजनशिप रजिस्टर की व्यवस्था लागू है।  जिसके तहत राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का दूसरा ड्राफ्ट सोमवार को जारी किया गया। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेख ने सोमवार को बताया कि 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार छह सौ सात लोगों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में योग्य पाकर उन्हें शामिल किया गया है और 40.07 लाख आवेदकों को इसमें जगह नहीं मिली है।

NRC में 24 मार्च 1971 की आधी रात तक राज्‍य में प्रवेश करने वाले लोगों को भारतीय नागरिक माना जाएगा। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के मुताबिक, जिस व्यक्ति का सिटिजनशिप रजिस्टर में नहीं होता है उसे अवैध नागरिक होगा।

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