अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है. पहले आईएमएफ ने देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.  यह पिछले साल की विकास दर 7.6 फ़ीसदी से 1 फ़ीसदी कम है.

विकास दर के अनुमान को घटाने के पीछे नोटबंदी को प्रमुख कारण माना हैं. वहीँ आईएमएफ ने पड़ोसी देश चीन के विकास दर के अनुमान को बढ़ाया है. साथ ही उम्मीद की है कि अगले दो साल में भारत की अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट आएगी.

आईएमएफ ने कहा कि 2016 में सुस्ती के बाद 2017 और 2018 में आर्थिक गतिविधियां विशेषरूप से उभरते बाजारों तथा विकासशील देशों में रफ्तार पकड़ेगी.’ विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं दोनों में 2017-18 में वृद्धि दर क्रमश: 3.4 और 3.6 प्रतिशत रहेगी, जो अक्तूबर में लगाए गए अनुमान के समान ही है.

आईएमएफ के नए अनुमान के अनुसार भारत की वृद्धि दर 2016 में अब 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. पहले इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था. अगले साल यानी 2017 में आईएमएफ ने भारत की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो पहले 7.6 प्रतिशत था.

इसमें कहा गया है कि 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था पूर्व में लगाए गए 7.7 प्रतिशत के अनुमान पर पहुंचेगी. इससे पहले विश्व बैंक ने 2016-17 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर सात प्रतिशत किया था. पहले विश्व बैंक ने वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.


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