अबुधाबी | ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप अरब प्रायद्वीप यानी इस्लाम की जन्मस्थली पर पहुंचने वाले पहले पोप बन गए हैं। वे यूएई की यात्रा के दूसरे दिन अबुधाबी पहुंचे।

पाेप मंगलवार को जायद स्पोर्ट सिटी स्टेडियम पहुंचे तो उनके दीदार के लिए 1.7 लाख लोग जमा थे। स्टेडियम के अंदर 50 हजार, जबकि बाहर बड़ी स्क्रीनों पर 1.2 लाख लोग उन्हें देख रहे थे। इसमें 100 देशों के प्रतिनिधियों के अलावा 4,000 मुस्लिम भी शामिल थे।

यूएई के अपने ऐतिहासिक दौरे पर पोप फ्रांसिस ने ऊपर वाले के नाम पर फैलाई जा रही ‘घृणा और नफरत’ को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि हिंसा के सभी रूपों की बेहिचक निंदा की जानी चाहिए, क्योंकि धर्म के नाम पर किसी भी हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

इस यात्रा के साथ पोप फ्रांसिस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करने वाले दुनिया के 1.3 अरब कैथोलिकों के पहले नेता हैं। सोमवार को शेख मोहम्मद ने कहा कि यूएई के शासक ‘सहिष्णुता से भरे हमारे देश’ में पोप से मिलकर खुश हैं।

इसके अलावा काहिरा में सुन्नी इस्लाम के प्रतिष्ठित मदरसे अल-अजहर के इमामम से पोप के विशेष वार्ता भी की और विश्व शांति तथा एक साथ रहने के मानवीय भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। वेटिकन सिटी ने इसे ईसाईयों और मुस्लिमों के बीच वार्ता की दिशा में एक अहम कदम बताया।

दोनों धर्मगुरुओं ने आस्था की आजादी, सहिष्णुता की संस्कृति के प्रचार, पूजा स्थलों के संरक्षण और अल्पसंख्यकों को पूर्ण नागरिक अधिकार देने की अपील भी की।

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