म्यांमार की नेता आंग सान सू की पर रोहिंग्या संकट को लेकर शुरुआत से ही अपने जिम्मेदारी से भागने के आरोप लगते आए है. जिसको लेकर उनकी दुनिया भर में तीखी आलोचना भी हुई.

ऐसे में अब दुनिया के तीन नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं ने आंग सान सू की को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. यमन की तवाक्कोल करमान ने सू की से कहा कि या तो वे संभल जाएं अन्यथा मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहें.

तो वहीँ उत्तरी आयरलैंड के मैरीड मैगुईर और ईरान की शीरीन एबादी ने कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघर में खड़ा करना चाहिए. बता दे कि इन तीनों ने बांग्लादेश में रोहिंग्या शिविरों का दौरा किया. उन्होंने शिविरों में जाकर रोहिंग्याओं का हालचाल जाना.

पिछले साल 25 अगस्त के बाद म्यांमार के राखिने में शुरू हुई हिंसा के बाद  करीब 700,000 रोहिंग्या म्यांमार से भागकर बांग्लादेश चले आए. म्यांमार सेना पर आरोप है कि कट्टरपंथी बौद्धों के साथ मिलकर रोहिंग्याओं का नरसंहार किया गया.

हाल ही में ह्यूमन राइट वॉच की और से जारी सैटेलाइट इमेज में सामने आया किम्यांमार सरकार पर रोहिंग्या मुस्लिमों के 55 गांवों को नष्ट कर दिया. संगठन का कहना है कि रखाइन प्रांत के नॉर्दर्न हिस्से को तबाह करने से यहां की सेना के अत्याचारों के सबूत खत्म हो सकते हैं, जिन्होंने 30 पुलिस पोस्ट पर हमले के बाद पूरा का पूरा रोहिंग्या गांव साफ कर दिया.

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