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उत्तर कोरिया ने 2017 में संयुक्त राष्ट्र लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए कमोडिटी निर्यात से करीब 200 मिलियन डॉलर कमाए है. इस के साथ ही प्योंगयांग ने असद शासन और म्यांमार को हथियार भी भेजे है. इसका खुलासा स्वतंत्र यूएन मॉनिटर्स की एक गोपनीय रिपोर्ट में हुआ है.

रिपोर्ट में कहा गया, उत्तर कोरिया ने रूस, चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और वियतनाम सहित बंदरगाहों को कोयला भेजा, मुख्य रूप से झूठे कागजी कार्रवाई का उपयोग करते हुए इन्हें रूस और चीन जैसे देशों को दिखाया.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि उन्होंने असद शासन और म्यांमार के बीच चल रहे बैलिस्टिक मिसाइल सहयोग की भी जांच की है, जिसमें 2012 से 2017 के बीच सीरियाई वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान केंद्र के बीच 40 से अधिक पूर्व उत्तर कोरिया भेजे गए हैं, जो देश के रासायनिक हथियारों के कार्यक्रम की देखरेख करते हैं.

जांच ने “बैलिस्टिक मिसाइल और रासायनिक हथियार कार्यक्रमों में उपयोगिता वाले वस्तुओं के हस्तांतरण के माध्यम से हथियारों के प्रतिबंध और अन्य उल्लंघनों के आगे सबूत दिखाए हैं. उन्होंने सीरिया के मार्ग पर अज्ञात देशों द्वारा पकड़े गए दो उत्तरी कोरिया शिपमेंट्स से कार्गो की भी जांच की.

दोनों में एसिड प्रतिरोधी टाइलें थीं जो एक बड़े पैमाने पर औद्योगिक परियोजना के बराबर क्षेत्र को कवर कर सकती थीं. ध्यान रहे असद शासन ने 2013 में अपने रासायनिक हथियारों को नष्ट करने पर सहमति व्यक्त की थी. इसके  अलावा इसका भी सबूत है कि म्यानमार ने उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली प्राप्त की थी, साथ में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ कई रॉकेट लांचरों और सतह से हवा वाली मिसाइलें भी शामिल थीं.

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