Thursday, June 17, 2021

 

 

 

UNHCR ने गाजा युद्ध में किए गए ‘अपराधों’ की जांच का दिया आदेश, इस्राइल को नहीं मिला भारत का साथ

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने घेराबंदी वाले गाजा और वेस्ट बैंक में हाल में इजरायल की और से की हिंसा की अंतरराष्ट्रीय जांच करने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत दशकों से चल रहे मध्य पूर्व संघर्ष में दुर्व्यवहार और उनके “मूल कारणों” पर एक अभूतपूर्व स्तर की जांच होगी।

गुरुवार को ये प्रस्ताव, परिषद के 47 सदस्यों में से 24 के पक्ष से पारित हुआ, 9 ने विरोध किया और 14 गैर-हाजिर रहे। जिसमे भारत भी शामिल है। यह प्रस्ताव इस्लामिक सहयोग संगठन और फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल द्वारा संयुक्त राष्ट्र में लाया गया था।

फिजी के राजदूत नजहत शमीम खान, जो जिनेवा फोरम के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं, ने पूरे दिन के विशेष सत्र के बाद कहा, “मसौदा प्रस्ताव … इसलिए अपनाया गया है।” इज़राइल के विदेश मंत्रालय ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि वह जांच में सहयोग नहीं करेगा।

वोट से पहले जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में इज़राइल के राजदूत मीरव एलोन शाहर ने सत्र को खारिज कर दिया, और जोर देकर कहा कि वे इजरायल के खिलाफ परिषद के पूर्वाग्रह का एक और उदाहरण हैं। वहीं अमेरिका ने कहा कि उसे यूएनएचआरसी के फैसले पर “गहरा अफसोस” है, यह कहते हुए कि “इससे क्षेत्र में हालिया प्रगति को खतरा है”।

हमास ने यूएनएचआरसी के प्रस्ताव का स्वागत किया, और गाजा पर बमबारी को लेकर इजरायल के खिलाफ इसकी कार्रवाई को “वैध प्रतिरोध” कहा। गाजा स्थित पत्रकार निज़ार सदावी ने कहा कि अवरुद्ध एन्क्लेव में फिलिस्तीनियों को उम्मीद नहीं है कि जमीन पर बदलाव हो सकता है।

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