हसन रूहानी ने माना ईरान पर अमेरिकी दबाव, राजनीतिक एकता का आह्वान किया

11:10 am Published by:-Hindi News

नई दिल्ली:  ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने तेहरान पर अभूतपूर्व अमेरिकी दवाब की आलोचना की और देश के राजनीतिक तबके से एकजुट होकर इस परिस्थिति से निपटने का आग्रह किया. उनके अनुसार, यह स्थिति 1980 के दशक से भी ज्यादा मुश्किल है.

रूहानी का यह बयान शनिवार को ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन के साथ देश का तनाव बढ़ रहा है. वाशिंगटन ने पिछले सप्ताह खाड़ी में युद्धपोत और युद्धक विमान तैनात कर दिए थे. दरअसल तेहरान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं से रूहानी ने कहा, युद्ध के दिनों में हमें अपने बैंकिंग, तेल और आयात में मुश्किल नहीं आई थी और सिर्फ हथियारों की ख़रीद पर प्रतिबंध था.

रूहानी ने कहा, दुश्मनों की ओर से डाला जा रहा दबाव एक युद्ध है जो हमारे इस्लामिक क्रांति के इतिहास में अभूतपूर्व है…लेकिन हम निराश नहीं हैं और भविष्य के लिए बेहतर उम्मीद है. मुझे विश्वास है कि अगर हम एकता बनाए रखेंगे तो इन मुश्किलों को पीछे छोड़ सकते हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में खुद इस समझौते को तोड़कर ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिए थे. ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगर अन्य सदस्य देश भी अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन करते हैं तो वह अपनी परमाणु हथियार संबंधी गतिविधियां फिर से शुरू कर देगा.

हालांकि यूरोपीय शक्तियों का कहना है कि वे समझौते पर कायम हैं, लेकिन वे इस समझौते को खत्म करने से रोकने के तेहरान की किसी चेतावनी को अस्वीकार करते हैं.

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