न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च मस्जिद गोलीबारी का वीडियो शेयर करने वाले एक शख्स को मंगलवार को 21 महीने कैद की सजा सुनाई गई है।

दरअसल, 44 वर्षीय फिलीप आर्प्स ने बाद में ये वीडियो साझा किया। जिसके बाद में आर्प्स को गिरफ्तार कर लिया गया। आर्प्स को आपत्तिजनक सामग्री वितरित करने के दो आरोपों का दोषी पाया गया।

‘न्यूजीलैंड हेराल्ड’ में प्रकाशित हुई खबर के मुताबिक क्राइस्टचर्च जिला अदालत के जज स्टीफन ओ ड्र्रिस्कॉल ने कहा है कि, ‘यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक घृणा अपराध था।’ न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे हमले के कुछ दिन बाद उसका वीडिया शेयर करना क्रूर है।

‘रेडिया न्यूजीलैंड’ में प्रकाशित की गई खबर के मुताबिक ओ ड्र्रिस्कॉल ने पाया कि आर्प्स ने मुस्लिमों की मौत का ‘महिमामंडन’ करने के लिए हमले का वीडियो साझा किया था और कारावास के अलावा कोई और सजा इसके लिए सही नहीं होगी।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, 44 वर्षीय फिलीप आर्प्स क्राइस्टचर्च इन्सुलेशन कंपनी का मालिक है, जिसे उसने नाजी और श्वेत वर्चस्ववादी परिकल्पना का उपयोग करते हुए प्रचारित किया। आर्प्स ने स्वीकार किया कि उसने वीडियो भेजा था, जिसे नरसंहार के एक दिन बाद करीब 30 लोगों को भेजा था।

17 मिनट लंबे वीडियो में, कथित हमलावर को उन नमाजियों को बिल्कुल नजदीक से निशाना बनाते देखा जा सकता है, जो अल-नूर मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए इकट्ठे हुए थे। यह मस्जिद हमले की शिकार बनी दो मस्जिदों में से एक थी।

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