भारत में वॉन्टेड चल रहे सलाफ़ी स्कॉलर जाकिर नाइक ने एक बार फिर से खुद के बेगुनाह होने की सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होने भारत में कोई कानून नहीं तोड़ा बल्कि उन्हे इस्लाम के प्रसार के कारण निशाना बनाया गया।

शनिवार को नोर्थ मलेशिया की राजधानी कंगर में नाइक ने कहा कि उन्होने भारत में कई कानून नहीं तोड़ा। उन्होने कहा कि इस्लाम के प्रचार प्रसार के लिए उसे टारगेट किया जा रहा है। नाइक ने कहा कि उसने हमेशा शांति और मानवता को आगे बढ़ाया है। वे लोग जिन्हें शांति पसंद नहीं है वे उसे भी पसंद नहीं करते।

नाइक ने कहा, उन्होने कभी भी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया है और उसका मकसद हमेशा सांप्रदायिक शांति और एकता को बढ़ावा देना रहा है। एक बयान में नाइक ने दावा किया था कि उसपर आतंकवाद, घृणित भाषण और धन शोधन का आरोप लगाने के लिए मीडिया ने छेड़छाड़ की गई वीडियो क्लिप, संदर्भ से बाहर उद्धधरण और कई अन्य अनुचित तरीके अपनाएं।

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नाइक ने कहा था कि मेरा मकसद हमेशा से सांप्रदायिक शांति और एकता को बढ़ावा देने वाला रहा है जो मुझपर लगाए गए आरोपों के एकदम उलट है। मैं फिर कहता हूं कि एक मुस्लिम तब तक एक अच्छा मुसलमान नहीं बन सकता है जब तक वह एक अच्छा इंसान नहीं बन जाता है।

आपको बता दें कि मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुला सेगराम ने बताया था कि एक बैठक के दौरान स्वराज ने जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण जल्दी करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वह जाकिर नाइक पर पूछ रही थीं कि क्या मलेशिया से नाइक को प्रत्यर्पित किया जाएगा, मैंने कहा कि मलेशिया की सरकार ने अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।’ इस मामले पर निर्णय करना मलेशिया सरकार ने अदालत पर छोड़ रखा है।

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