Monday, December 6, 2021

सांप्रदायिकता वैमनस्य पालने के बजाय अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान दे भारत: नोबेल विजेता रामाकृष्णन

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भारतीय मूल के नोबेल विजेता वेंकटरमन रामाकृष्णन ने केंद्र की मोदी सरकार को देश में बीफ जैसे मुद्दों पर सांप्रदायिकता वैमनस्य पालने के बजाय अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान केन्द्रित करने की नसीहत दी है.

ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में बोलेत हुए रामाकृष्णन ने कहा कि अगर भारत “नवोन्मेष, विज्ञान और तकनीक में अगर निवेश नहीं करेगा तो वो दौड़ में पीछे छूट जाएगा.”  रामाकृष्णन ने कहा, “भारत चीन से पहले ही काफी पिछड़ गया है, अगर आप पचास साल पहले दोनों देशों को देखें तो दोनों की तुलना हो सकती थी….दरअसल, भारत को चीन से थोड़ बेहतर कहा जा सकता था.”

उन्होंने कहा, “…भारत में आज जो एक समस्या मैं देखता हूं वो है मामूली बातों पर सांप्रदायिक झगड़ा होना.”  रामाकृष्ण ने कहा कि भारतीयों को ज्यादा सहिष्णु बनकर देश को आधुनिक बनाने के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं होगा तो हम पिछड़ते जाएंगे.

रामाकृष्णन ने कहा, “कौन किस तरह का माँस खाता है इसे लेकर होने वाली तमाम तरह की सांप्रदायिक हिंसा और दो समुदायों के बीच धार्मिक विद्वेष देश के लिए नुकसानदायक है.”

उन्होंने कहा, “जो लोग ऐसा कर रहे हैं वो खुद को बहुत देशभक्त समझ रहे होंगे लेकिन दरअसल वो देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं. या तो इतने अज्ञानी हैं कि ये समझ नहीं पा रहे कि वो क्या कर रहे हैं या फिर वो जानते हैं कि वो क्या कर रहे हैं और हर कीमत पर इसे करना चाहते हैं.”

रामाकृष्णन ने कहा कि भारत जैसे देश तब तक प्रगति नहीं कर सकती जब तक कि वो विज्ञान में निवेश न करें. उन्होंने कहा कि ऐसे देश भी हैं जिनके पास संसाधन काफी हैं लेकिन ज्ञान के अभाव के चलते वो पिछड़े हुए हैं, जबकि सिंगापुर और स्विट्जरलैंड जैसे देश संसाधनों के मामले में कमतर हैं लेकिन ज्ञान के दम पर विकसित बने हुए हैं..

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