म्यांमार में मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए सयुंक्त राष्ट्र पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के एक समूह ने सयुंक्त राष्ट्र से म्यांमार में मुस्लिम होलोकास्ट को तुरंत बंद कराने की मांग की है.

राष्ट्र संघ मानवाधिकार परिषद के नाम जारी पत्र में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के इस समूह ने कहा है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर जारी अत्याचार और उनका नस्लीय सफ़ाया दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे भयानक रक्तपात है.

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राष्ट्र संघ मानवाधिकार परिषद के नाम इस पत्र में कहा गया है कि हम अंतरराष्ट्रीय पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और फ़ोटोग्राफ़र म्यांमार में मुस्लिम होलोकास्ट की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि इस मुद्दे पर राष्ट्र संघ मानवाधिकार परिषद एक आपात बैठक का आयोजन करे.

पत्र में रोहिंग्या मुसलमानों के नस्लीय सफ़ाए पर गहरी चिंता जताते हुए कहा गया है कि म्यांमार में पीड़ित और कमज़ोर लोगों के ख़ून से होली खेली जा रही है, लोगों को बेघर किया जा रहा है और उनके गांवों को आग के हवाले किया जा रहा है.

पत्रकारों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आज जब विश्व समुदाय ने म्यांमार पर हथियारों का प्रतिबंध लगा दिया है, इस्राईल लगातार इस देश को हथियारों की आपूर्ति कर रहा है.

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