हम’ले के बाद 10 मुस्लिम देशों के दूत पहुंचे श्रीलंका, आर्कबिशप से मिलकर व्यक्त की संवेदना

6:38 pm Published by:-Hindi News

तुर्की के राजदूत ने कहा कि विनाशकारी हमले पर वैश्विक स्तर पर आतंक को रोकने और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रयास की जरूरत है।

श्रीलंका की राजधानी में तीन दिन पहले ईस्टर संडे को आठ बम विस्फोटों ने देश को हिलाकर रख दिया। इस हमले में 359 लोग मारे गए। ऐसे में 10 मुस्लिम देशों के दूतों ने बुधवार को श्रीलंका में कैथोलिक चर्च के प्रमुख के समक्ष अपनी संवेदना व्यक्त की।

राजनयिकों में तुर्की के राजदूत तुनका ओझुहादार भी शामिल हैं – ने भी कार्डिनल मैल्कम रंजीथ के साथ श्रीलंका में ईसाई समुदाय के साथ एकजुटता रखने का दौरा किया। उनके अलावा पाकिस्तान, ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिस्तीन, बांग्लादेश, ओमान, कुवैत, कतर, अफगानिस्तान, मालदीव, इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के देशों ने भी यात्रा में भाग लिया।

अनाडोलू एजेंसी से बात करते हुए, ओजुकुधार ने कहा कि उन्होंने हिंसा के बाद वास्तविक दुख महसूस किया है जिसने ईसाई कैलेंडर पर सबसे महत्वपूर्ण छुट्टियों में से एक को खून से रंग दिया है। उन्होंने कहा कि विनाशकारी हमले ने आतंक पर अंकुश लगाने और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सभी संभव उपाय करके शांति लाने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

वहीं भारतीय ग्रैंड मुफ्ती असजद रज़ा खान ने श्रीलंका में पिछले रविवार को हुए आत्मघाती विस्फोटों की निंदा की उन्होंने कहा कि हम सभी प्रकार के आतंकी हमलों की निंदा करते हैं और श्रीलंका में निर्दोष नागरिकों पर आत्मघाती बम विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होने कहा, इस तरह के बुरे कार्य चरमपंथी विचारधाराओं की वजह से फ़ेल रहे हैं। जिनका खंडन किया जाना चाहिए और उनके धन के स्रोत को नष्ट किया जाना चाहिए।

उन्होने कहा, यह हर देश की सरकारों का कर्तव्य है कि ऐसे लोगों को रोके और उनके नापाक इरादों में कामयाब न होने दें। बता दें कि इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) ने ली है। मंगलवार को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपनी ‘अमाक न्यूज एजेंसी’ के जरिए हमलों की जिम्मेदारी ली।

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