दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान समझे जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति का उनके ही देश में उनके अधीनस्थों का विरोध झेलना पड़ रहा हैं. अमेरिका की लोकतान्त्रिक व्यवस्था की यही खासियत दुनिया भर को अपनी और लुभाती हैं.

ऐसा ही मामला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने पेश आ रहा हैं, उनके सीरिया सहित सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने सबंधी आदेश के खिलाफ अब वॉशिंगटन शहर के गर्वनर सामने आ गये हैं. उन्होंने इसका विरोध ही नही किया बल्कि आदेश जारी कर अपने कर्मचारियों और वॉशिंगटन स्टेट की सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे ट्रंप के इस आदेश को लागू कराने को लेकर किसी भी प्रकार की मदद देने से रोक दिया हैं.

गर्वनर जे इंज़ली ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश पर दस्तखत किया है. इसके मुताबिक, अब वॉशिंगटन स्टेट की एजेंसियां लोगों की नागरिकता या फिर अमेरिका में उनके निवास की कानूनी वैधता के आधार पर किसी को भी मदद देने या किसी तरह की सर्विस मुहैया कराने से इनकार नहीं कर सकती हैं. इसके अलावा, वॉशिंगटन स्टेट की एजेंसियां अमेरिका में रहने वाले विदेशी मूल के लोगों को हिरासत में लिए जाने में भी मदद नहीं कर सकती हैं.

इंज़ली ने इस बारे में कहा, ‘इस आदेश के मुताबिक मेरे आधिकारिक अधिकार क्षेत्र में आने वालीं सभी एजेंसियां केवल वही जिम्मेदारियां पूरी करेंगी जो कि स्टेट और फेडरल कानून के तहत हमारे जिम्मे है. हम जानते हैं कि किसी की नस्ल, धर्म, संस्कृति या फिर देश के आधार पर हम वॉशिंगटन में किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं. प्रांतीय कानूनों के कारण भले ही इतना मुश्किल और अनिश्चित समय सामने आया हो, लेकिन इसके बावजूद हम अपने मूल्यों पर कायम रहेंगे.’


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