Saturday, June 19, 2021

 

 

 

70 हज़ार से अधिक बेघर रोहिंग्या मुस्लिमों को आसरा देगा बांग्लादेश, बसाएगा अपनी जमीन पर

- Advertisement -
- Advertisement -

सुरक्षा बलों और बौद्ध आतंकियों के हाथों अपनी जान बचाकर बांग्लादेश पहुंचे 70 हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों को बांग्लादेश ने अपनी जमीन पर आसरा देने का फैसला किया हैं.

बांग्लादेश की सरकार ने देश में शरण लिए हुए सभी रोहिंग्या मुस्लिमों को एक द्वीप पर बसाने का फैसला किया हैं. इसके लिए सरकार ने एक तटीय समिति का गठन हैं. जिन्हें आदेश जारी कर कहा गया कि वे म्यांमार के गैर पंजीकृत नागरिकों की पहचान कर उन्हें बंगाल की खाड़ी के थिंगरचार नामक द्वीप पर बसाने में मदद करे.

बांग्लादेश की सरकार ने उन आलोचनाओं को रद्द कर दिया है जिसमें कहा गया है कि “तंगना चार” द्वीप म्यांमार के मुसलमान शरणार्थियों के रहने के लायक नहीं है. सरकार की और से घोषणा की गई हैं कि म्यांमार के शरणार्थी मुसलमानों को उसी समय “तंगना चार” द्वीप भेजा जायेगा जब उसमें रहने के लिए आवश्यक संभावनाएं उपलब्ध करा दी जायेंगी.

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अनुसार लगभग दो लाख बत्तीस हजार रोहिंग्या मुसलमान पहले से ही बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं. जबकि पिछले साल अक्टूबर से 65000 से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों ने बांग्लादेश का रुख किया हैं. बांग्लादेश की सरकार ने इन शरणार्थियों को बंगाल की खाड़ी में स्थित तंगार चार द्वीप भेजने का निर्णय किया है.

संयुक्त राष्ट्रसंघ ने पिछले महीने एक रिपोर्ट में घोषणा की थी कि म्यांमार के राख़ीन प्रांत में इस देश की सेना की कार्यवाही आरंभ होने के बाद म्यांमार के 70 हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश शरण लिये.

म्यांमार के मुसलमानों के विरुद्ध इस देश की सेना और बौद्ध धर्म के मानने वाले अतिवादियों ही हिंसा आरंभ होने और उसमें वृद्धि के बाद पिछले अक्तूबर महीने से लेकर अब तक म्यांमार के हज़ारों रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश शरण ले चुके हैं और यह देश म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के शरण स्थल में परिवर्तित हो गया है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles