अमेरिका की डोनाल्‍ड ट्रंप सरकार ने अपने शासन के आखिरी दिन चीन पर उइघुर मुसलमानों का नरसंहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चीन की अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों पर नीतियां ‘जनसंहार’ (Genocide) करने के समान हैं।

पोंपियो ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों का सावधानी पूर्वक अध्ययन करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण में चीन शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक समूहों का नरसंहार कर रहा है। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि यह नरसंहार जारी है। हम इस बात के गवाह हैं कि उइगर समुदाय को खत्म करने के लिए व्यवस्थित प्रयास किया जा रहा है। पोंपियो ने कहा, अमेरिका चीन से तत्काल मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करने की मांग करता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने  यह ऐलान ऐसे समय पर किया है ज‍ब नए राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता संभालने में मात्र ही कुछ ही घंटे बचे हैं।

दूसरी और इस बारे में जब बाइडन सरकार में विदेश मंत्री बनने जा रहे एंटोनी ब्लिंकन से पॉम्पियो के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे भी इस बात को मानते हैं। बाइडन की टीम ने पिछले साल अगस्त में वीगरों के मामले में चीन पर इसी तरह का आरोप लगाया था। बाइडन की टीम ने कहा था कि चीन की निरंकुश सरकार ने विगरों का दमन जिस तरह से किया है उसकी व्याख्या नहीं की जा सकती।

साथ ही पॉम्पियो ने भारत के लिए एक ट्वीट भी किया। जिसमे उन्होने लिखा, ‘ब्रिक्स याद है? जायर बोल्सोनारो (ब्राजील के राष्ट्रपति) और नरेंद्र मोदी को शुक्रिया। बी और आई दोनों को पता है कि सी और आर उनके लोगों के लिए ख़तरा हैं। ‘ ब्रिक्स (BRICS) ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ़्रीका का संगठन है।पॉम्पियो ने B  ब्राजील और I इंडिया के लिए ये बातें कही हैं। उन्होंने C (चीन) और R (रूस) को लेकर कहा है कि दोनों देश ब्राजीन और भारत के लिए खतरा हैं।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano