नई दिल्ली | विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिये पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली माइक्रोसॉफ्ट, अपने नए चैटबॉट ‘zo’ की वजह से विवादों में आ गयी है. आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) से लेस माइक्रोसॉफ्ट के इस चैटबॉट ने मुस्लिमो के पवित्र ग्रन्थ ‘कुरान’ के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है. हालाँकि माइक्रोसॉफ्ट की और से कहा गया है की वो zo के इस व्यवहार को रोकने के लिए कदम उठा रहे है.

बजफीड न्यूज़ की खबर के अनुसार , आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पर आधारित ‘zo’, जो की kik मैसेजिंग एप का चैटबॉट है को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा प्रोग्राम किया गया है. यह पहला मौका नही है जब माइक्रोसॉफ्ट की और से नया चैटबॉट बनाया गया है. इससे पहले उन्होंने ‘tay’ नाम से चैटबॉट बनाया था जो अपनी बदजुबानी की वजह से विवादों में आ गया था.

‘tay’ के समय भी माइक्रोसॉफ्ट को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा. एक समय ऐसा आया जब यह बदजुबानी, जातिवादी और भड़काने वाले उत्तेजक बयान देने लगा जिसके बाद माइक्रोसॉफ्ट को इसे वापिस लेना पड़ा. ‘tay’ के बाद भी माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पर आधारित चैटबॉट को बनाने पर काम जारी रखा. काफी मसक्कत के बाद माइक्रोसॉफ्ट की और से ‘zo’ को लांच किया गया.

इस चैटबॉट को खासकर टीनेजर्स के लिए डिजाईन किया गया है जो राजनीती और धर्म पर चर्चा से बचता है. लेकिन इसके बावजूद इसने एक यूजर से कुरान को लेकर बेहद आपत्तिजनक बात कही. ‘zo’ ने कुरान को ‘बेहद हिंसक’ करार दिया. यूजर के अनुसार zo के साथ बातचीत शुरू करने के चौथे मेसेज में ही उसने कुरान के बारे में यह बात कही. उधर माइक्रोसॉफ्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की हम इसके लिए कदम उठा रहे है. हालाँकि zo से इस तरह की प्रतिक्रिया बेहद दुर्लभ है.

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