काहिरा में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत जुमा मुबारक अलजनीबी ने यमन युद्ध के लंबा खिंचने के कारण पर पूझे गए सलाव पर संवाददाताओं से कहा कि सऊदी अरब द्वारा यमन में गठबंधन सेनाओं के प्रमुख के तौर पर हादी के बने रहने की ज़िद और हौसियों को हरा सकने में हादी द्वारा गठबंधन बलों के नेतृत्व की कमज़ोरी ही युद्ध के लंबा खिंच जाने का मुख्य कारण है।

अलजनीबी ने मिस्र के विदेश मंत्री सामेह शुकरी से कहा कि हादी द्वारा गठबंधन बलों के साथ समन्वय बैठाने में नाकामी और फैसले लेने स्वतंत्रता की उनकी जिद ने यमन में हमारे कई प्लानों पर पानी फेर दिया है। अमीरात के राजदूत ने यमन युद्ध के लंबा खिंचने के कुछ और कारणों को बताया है.

उन्होंने कहा, आपसी सहयोग की कमी, जिसके कारण कानूनी सरकार के समर्थकों में गृह युद्ध की स्थित बन गई है और गठबंधन बलों के सैनिकों में एक शंका सी पैदा कर दी है। कानूनी सरकार राष्ट्रीय और राजनीतिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करने में नाकाम रही, यह दोनों तंत्र निष्क्रीय है।

उन्होंने कहा, पदों का बटवारा, क्षेत्रीय फैसलों के अनुसार सुरक्षा तंत्र का गठन, जैसा कि अदन और मारब में मौजूद है।विद्रोहियों द्वारा मीसाइल निर्माण केन्द्रों की पहचान में नाकामी, अगरचे गठबंधन ने उनके विदेशी संपर्कों को काट दिया है।

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उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के नेतृत्व में 10 देशों ने 21 अप्रैल ने यमन के अपदस्थ प्रधानमंत्री मंसूर हादी के समर्थन में हमले शुरू किए थे लेकिन आज दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यह सैन्य अभियान अब भी जारी है और गठबंधन सेनाओं को अपने लक्ष्यों में कामयाबी नहीं मिली है।