फिलिस्तीन के यरुशलम में ईसाइयो के एक चर्च के अंदर “ज्वलनशील तरल” डाल उसको आग हवाले करने की कोशिश में एक यहूदी शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इसके साथ ही इस वारदात के पीछे उसके उद्देश्य के बारे में नहीं बताया है। माना जा रहा है कि ईसाइयो और मुस्लिमों में तनाव पैदा करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।

शुक्रवार की यह घटना चर्च ऑफ ऑल नेशंस में हुई, जो कि गेथसमेन के गार्डन की पारंपरिक साइट पर बना एक कैथोलिक चर्च है, ईसाइयों का मानना है कि  इस चर्च में यीशु को उसके एक अनुयायी जुदास ने धोखा दिया था, और क्रूस पर चढ़ाने से पहले रोमन द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

रोमन कैथोलिक चर्च के फादर इब्राहिम फाल्टस ने कहा, “यह एक अपराध है, एक अपराध जो पवित्र भूमि में एक चर्च में नहीं होना चाहिए।” वहीं फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संदिग्ध को “आतंकवादी इज़राइली बसने वाला” बताया और एक बयान में कहा कि इस तरह के हमलों के लिए इज़राइली सरकार जिम्मेदार थी।

यहूदी चरमपंथियों पर 2015 के एक आगजनी हमले में उत्तरी इजरायल में गैलील के समुद्र पर एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल, लोवर्स एंड फिश के गुणन के चर्च को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था। यहूदी चरमपंथियों ने हाल के वर्षों में मस्जिदों, गिरजाघरों और इज़रायली समूहों को निशाना बनाया है।