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विवादित सलाफ़ी उपदेशक जाकिर नाईक को भारत को सौंपने पर मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जाकिर नाईक को भारत को प्रत्यर्पित करने की मांग को वह आसानी से नहीं मानेंगे।

न्यू स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की मांग को पूरा करने से पहले सभी पहलुओं की जांच करती है। ऐसा नहीं होने पर कोई भी शिकार हो सकता है।

मलेशिया सरकार के इस रवैये पर नाईक ने सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा है कि मैं सरकार और प्रधानमंत्री का धन्यवाद देता हूं कि यहां कि सरकार ने इस मामले में तर्कपूर्ण तरीके से गौर किया है।

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नाईक ने कहा कि उसे मलयेशिया के विविधता भरे समाज का हिस्सा बनकर अच्छा लग रहा है। वह इसकी संवेदनशीलता को सलाम करता है। वह कभी भी, किसी भी रूप में इसके संतुलन को खराब नहीं कर सकता। किसी भी सूरत में देश के कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता।

बता दें कि इससे पहले महातिर ने कहा था कि जाकिर को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा। नाईक को मलयेशिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिल चुकी है। पीएम ने कहा था कि जाकिर जब तक यहां कोई गड़बड़ी नहीं करता है तब तक मलयेशिया में रह सकता है।