Friday, August 6, 2021

 

 

 

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर अपनी ही पार्टी से किए गए बर्खास्‍त

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मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को उनकी ही राजनीतिक पार्टी ने बर्खास्त कर दिया गया है। महातिर को पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने के बाद बाहर का रास्‍ता दिखाया गया।

राजनीतिक तनातनी के बाद महातिर ने फरवरी में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद उनकी पार्टी के सदस्य मोहिउद्दीन यासीन महातिर की आपत्ति के बावजूद प्रधानमंत्री बने। इसके बाद से पार्टी दो खेमों में बंट गई है। महातिर के बेटे मुखरिज महातिर ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में मोहिउद्दीन को चुनौती दी है। अध्यक्ष पद के लिए होने वाला चुनाव कोरोना वायरस महामारी के कारण टल गया है।

गुरुवार को महातिर को लिखे पत्र में प्रीबूमि बेरसतु मलेशिया (पीपीबीएम) के कार्यकारी सचिव मुहम्मद सुहैमी याहया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की सदस्‍यता, पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने के कारण रद की जा रही है।

वहीं महातिर और बर्खास्त किए गए चार अन्य नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘बरसातू अध्यक्ष ने बिना किसी वैध कारण के हमें बर्खास्त करने का एकतरफा कदम पार्टी चुनाव को लेकर अपने डर और देश के प्रशासन के इतिहास में सबसे अस्थिर प्रधानमंत्री के रूप में अपनी असुरक्षित स्थिति के कारण उठाया है।’’

उन्होंने कहा कि यह कदम अवैध है और वे इस कदम को चुनौती देने एवं यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठा सकते हैं कि बरसातू सत्ता के लालची लोगों का हथियार न बनने पाए।

बता दें कि महातिर को जिस राजनीतिक पार्टी से निकाला गया है, वो उसी के सह-संस्थापक रहे हैं। यूनाइटेड इंडिजिनस पार्टी ऑफ मलेशिया ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, महातिर की पार्टी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद की जाती है। पार्टी चेयरमैन रहे महातिर ने मलेशिया की मोहिउद्दीन यासीन के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार को समर्थन नहीं दिया, जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

मलेशिया में सत्ता का संकट उस वक्त पैदा हुआ जब महातिर और अनवर इब्राहिम का सत्तारूढ़ “पैक्ट ऑफ होप” गठबंधन टूट गया। इस गठबंधन ने दो साल पहले नजीब रजाक की सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।इसके बाद महातिर ने इस्तीफा दे दिया जिससे प्रधानमंत्री पद के लिए दौड़ शुरू हुई जिसमें यासीन ने जीत हासिल की। उनके गठबंधन में देश के जातीय मलय मुस्लिम बहुसंख्यकों की संख्या अधिक है।

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