अमेरिका में शरणार्थियो की रोक लगाने के आदेश को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चारो और आलोचना हो रही हैं. नोबेल पुरूस्कार विजेता मलाला युसुफजई ने डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश को अत्यंत दुखदायी बताते हुए उनसे अपील की हैं कि वे दुनिया के सबसे असुरक्षित लोगों को अकेला ना छोड़ें.

मलाला ने कहा कि मैं अत्यंत दुखी हूं कि आज राष्ट्रपति ट्रंप हिंसा और युद्धग्रस्त देशों को छोड़कर भाग रहे बच्चों, माताओं और पिताओं के लिए दरवाजे बंद कर रहे है. उन्होंने आगे कहा कि दुनियाभर में अनिश्चितता और अशांति के इस समय में, मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध करती हूं कि वह विश्व के सबसे असहाय बच्चों और परिवारों की ओर से मुंह ना मोड़े.

इंग्लैंड में रह रही मलाला ने कहा, मैं बहुत दुखी हूं कि अमेरिका शरणार्थियों और प्रवासियों का स्वागत करने के अपने गौरवशाली इतिहास को पीछे छोड़ रहा है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

याद रहे कि 19 वर्षीय मलाला को वर्ष 2012 में पाकिस्तान में लड़कियों के लिए शिक्षा को लेकर अभियान चलाने से नाराज तालिबानी आतंकियों ने सिर में  गोलियां मारी थी. मलाला शांति के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की विजेता हैं.

Loading...