लीबिया पर फिर से गृह युद्ध का बड़ा संकट, विद्रोहियों ने एयरपोर्ट पर किया क़ब्ज़ा

आठ साल पहले कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की हत्या के बाद लगातार अस्थिर लीबिया एक बार फिर से गृह युद्ध के मुंहाने पर है। सशस्त्र विद्रोही बलों के ताक़तवर नेता जनरल हफ़्तार ने अपनी सेनाओं को त्रिपोली की ओर मार्च करने का आदेश दिया है।

ख़लीफ़ा हफ़्तर की समर्थक फ़ोर्सेज़ का कहना है कि वह राजधानी त्रिपोली के दक्षिणी उपनगरीय भाग तक पहुंच गयी है और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को अपने नियंत्रण में ले लिया है। हफ़्तर की राष्ट्रीय सेना के प्रवक्ता अहमद मिसमारी ने कहा कि उनकी सेना ने त्रिपोली के निकट दो क़स्बे तरहूना और अज़ीज़िया और उनके आस-पास के गावों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

हफ़्तार ने कहा है कि ‘आतंकवाद का ख़ात्मा होने तक उनका अभियान जारी रहेगा।’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हफ़्तार से मुलाक़ात की मगर कोई नतीजा नहीं निकल सका। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी ख़लीफ़ा हफ़्तार से रुकने की अपील की है।

नाकामयाब बैठक के बाद एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “मुझे अब भी उम्मीद है कि ख़ूनखराबा रोकने का कोई न कोई रास्ता निकल आएगा। संयुक्त राष्ट्र राजनीतिक हल निकालने की कोशिशें करता रहेगा ताकि लीबिया एकजुट हो सके। आगे जो भी होगा, संयुक्त राष्ट्र और मैं खुद लीबिया के लोगों के साथ खड़ा रहूंगा।”

एक तरफ तो जनरल हफ्फार की सेना त्रिपोली की तरफ बढ़ रही है और दूसरी तरफ पूर्वी शहर मिसराता से वैश्विक मान्यता प्राप्त सरकार केे समर्थक सशस्त्र गुटों ने भी त्रिपोली की सुरक्षा के लिए कूच कर लिया है। संयुक्त राष्ट्र के अलावा अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी यहां शांति बरतने की अपील की है।

बयान जारी कर कहा गया, “यह लीबिया में बदलाव के लिहाज से संवेदनशील समय है। ऐसे दौर में सैन्य ताकत का दिखावा, धमकी और एकतरफ़ा कार्रवाई की बातों से देश फिर से अस्थिरता की ओर बढ़ेगा। हम मानते हैं कि लीबिया में जारी संघर्ष सेना के इस्तेमाल से हल नहीं होगा।”

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