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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार की रहने वाली कृष्णा कुमारी कोहली ने सीनेटर बनकर इतिहास रच दिया है. कृष्णा कुमारी कोल्ही सीनेटर चुनी जाने वालीं पहली हिंदू दलित महिला है.

सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की और से बताया गया कि 39 वर्षीय कृष्णा कुमारी को पार्टी ने सिंध विधानसभा के एक अल्पसंख्यक संसदीय सीट से नामांकित किया था. कोल्ही दलित जाति से हैं. उनकी जाति का उल्लेख पाकिस्तानी अनुसूचित जातियां अध्यादेश-1957 में है.

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समा न्यूज चैनल की खबर के अनुसार, कृष्णा अपने भाई के साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पीपीपी से जुड़ी थीं. बाद में उनके भाई को यूनियन काउंसिल बेरानो का चेयरमैन चुना गया.

1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के गांव में जन्म लेने वाली कृष्णा कुमारी की 16 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी. कृष्णा स्वतंत्रता सेनानी रूपलो कोहली के परिवार से वास्ता रखती हैं. गरीबी में पली बढ़ी कृष्णा नौवीं कक्षा में थीं तब उनका विवाह लालचंद से कर दिया गया था.

पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के मुताबिक प्रांतीय एवं संघीय जन प्रतिनिधियों ने 52 सीनेटरों के चुनाव के लिए मतदान किया. इस चुनाव में 130 से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे. पीएमएल-एन को 15 सीटों पर जीत हासिल हुई है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 12 सीटें मिली हैं, जबकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को छह सीटों पर जीत हासिल हुई.

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