Thursday, October 21, 2021

 

 

 

कार्टून को लेकर मैक्रों को खुमैनी का जवाब – ”मुसलमान अभी जिंदा है’

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फ्रांस में बनाए गए इस्लाम धर्म के पैगम्बर मुहम्मद (सल्ल) के कार्टून को लेकर पूरी दुनिया में मुस्लिमों को गुस्सा सातवे आसमान पर है। जिससे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अभिव्यक्ति की आजादी बताकर भड़का दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई ने मैक्रॉन के इस बचाव की सख्त आलोचना की है।

उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये सिर्फ फ्रांसीसी कला का पतन नहीं है बल्कि सरकार की राजनीति है जो गलत कामों का समर्थन कर रही है। अल-जजीरा के अनुसार अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि फ्रांसीसी सरकार को पीड़ित का समर्थन और उसके प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए, मगर कार्टून को प्रकाशित करने की अनुमति देना सरकार का फैसला गलता था।

उन्होंने कहा कि, ‘सरकार का कहना है कि एक शख्स मारा गया। मृतक के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। मगर आप (फ्रांस) स्पष्ट रूप से घिनौने कार्टून बनाने का समर्थन क्यों करते हैं?’ ईरान के सुप्रीम लीडर ने पैगम्बर का कार्टून बनाने पर मुस्लिम वर्ल्ड की नाराजगी और विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि ये दिखाता है कि मुसलमान ‘अभी जिंदा है।’

इधर फाइनेंशल टाइम्स में बुधवार को प्रकाशित एक लेख के जवाब में मैक्रॉन ने कहा कि उनका देश इस्लामवादी अलगाववाद से लड़ रहा है। इस्लाम से नहीं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया है।जिसके बाद लेख को हटा दिया गया।

मैक्रॉन ने कहा कि ब्रिटिश पेपर ने उन पर “चुनावी उद्देश्यों के लिए फ्रांसीसी मुसलमानों को कलंकित करने और उनके प्रति भय और संदेह के माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।” उन्होंने कहा, “मैं किसी को यह दावा करने की अनुमति नहीं दूंगा कि फ्रांस, या इसकी सरकार, मुसलमानों के खिलाफ नस्लवाद को बढ़ावा दे रही है।”

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