pak11

pak11

पाकिस्तान में राजधानी इस्लामाबाद में ख़त्म-ए-नबुवत कानून बदलावके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सुन्नी समुदाय के लोगों को हटाने के लिए पाक सरकार ने पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जरिए अभियान शुरू कर दिया है. साथ ही इस अभियान की मीडिया कवरेजपर भी रोक लगा दी है.

दरअसल, तहरीक-ए-खत्म-ए-नबूवत, तहरीक-ए-लबैक या रसूल अल्लाह (टीएलवाईआर) और सुन्नी तहरीक पाकिस्तान (एसटी) जैसे संगठनों के नेतृत्व में हजारों की संख्या सुन्नी मुसलमान कानून मंत्री जाहिद हमीद के इस्तीफे की मांग कर रहे है. ध्यान रहे जाहिद हमीद ने खत्म-ए-नबूवत कानून में बदलाव की बात कही थी.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

क्या है खत्म-ए-नबूवत कानून:

इस्लाम धर्म में हजरत मुहम्मद (सल्ल.) को आखिरी पैगंबर के तौर पर माना गया है. यानि कि उनके बाद अब इस दुनिया में कोई पैगंबर नहीं आएगा. लेकिन कादियानी फिरके में मिर्ज़ा गुलाम अहमद कादियानी को पैगंबर माना जाता है. हालांकि ऐसे फिरकों को इस्लाम से खारिज किया हुआ है.

कानून मंत्री जाहिद हमीद ने अहमदी समुदाय को मुसलमानों के रूप में घोषित करने के लिए कानून लाने की बात कही थी. इस मसले पर अब पुरे पाकिस्तान में विरोध की लहर उठ चुकी है. ऐसे में अब पाक हुकूमत सैन्य अभियान से इस प्रदर्शन को दबाना चाहती है.

इस्लामाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को आधी रात तक वहां से हटने या नतीजा भुगतने की चेतावनी जारी की है. टीवी फुटेज में पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ती और सुरक्षाकर्मी बल प्रयोग करते दिख रहे हैं.

Loading...